कुछ कमी है।।

कमी है यहां उस खिलखिलाती हँसी की
कमी है यहां खुशी के उन आसुंओं की।


कुछ कमी है  सिकु़ड़ते लम्हों की
कुछ कमी है बचपन की मासूमियत की।


कमी है कुछ किस्से कहानियों की
और कमी है उन गीतों के गुनगुनाने की।


आज इन कोरे पन्नों को रंगने की एक इच्छा
पर कमी है कुछ उन प्यारे खुशी भरे पलों की।

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