कुछ बाकी है तो बताना


चेहरा तो वही है पहले वाला
स्माइल भी वही है पहले वाली

पर बातें अब नहीं पहले जैसी
यादें अब नहीं पहले जैसी

हाँ दोस्त नहीं अब पहले वाले
रास्ते नहीं अब पहले वाले

रास्ते बदल जाने से क्या
इंसान भी बदल जाते हैं

एक अच्छा खासा  इंसान
पत्थर दिल कैसे बन जाता है

अब कुछ बाकी हो तो बताना....

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मुस्कुराती है ज़िन्दगी, कभी दरवाजे खोल कर तो देखो

भैया मेरे वादा करो मुझसे

जश्न ए आजादी उनके नाम कर दें हम